सन्त लूकस के अनुसार पवित्र सुसमाचार
11:1-4
सन्त मत्ती के अनुसार पवित्र सुसमाचार
18:1-5, 10
बिल्ल ग्रहम ने कहा है, "आँसू अपने लिए बहाते हो तो वह अपनी दुर्बलता का चिन्ह है; आँसू दूसरों के लिए बहाते हो तो वह अपनी प्रबलता का चिन्ह है।" आज की संत तेरेसा ने अपने आँसू, दुःख- तकलीफ, कष्ट- क्लेश...
पुराने व्यवस्थान के लेवी ग्रन्थ 19:18 में पढ़ते हैं, "तुम अपने पड़ोसी को अपने समान प्यार करो।” यहूदी मतानुसार पड़ोसी वह है, जो अपने धर्म या देश से संबंधित व्यक्ति है। मतलब साथी- यहूदी व परदेशी जो...
आज के सुसमाचार में दाखबारी के हिंसक असामियों का दृष्टान्त सुने। इस दृष्टान्त में सीधे यहूदी नेताओं पर प्रहार किया गया है, जिनके बारे में नबी इसायाह ने दाखबारी के गीत में लिखा है, जिसे हम आज के पहले...
"मेरे नाम के कारण सब लोग तुमसे बैर करेंगे, किन्तु जो अन्त तक धीर बना रहेगा, उसे मुक्ति मिलेगी।" इस कथन का प्रमाण योब का जीवन है, जिसे हमने आज के पहले पाठ में सुना। शैतान ने योब की परीक्षा ली। शैतान...
गुलशन एस्तर, एक मुस्लिम लड़की, प्रभु येसु को स्वीकार करने के बाद, अपने अनोखे अनुभवों को बाँटती है। उन में से एक घटना इस प्रकार है: वह भाँजे की शादी के बाद रावलपिण्डी जाने के लिए बस के इन्तजार में...
आज का सुसमाचार येसु का अनुसरण करने के बारे में वर्णन करता है। यह विषयवस्तु- हमें आत्मसमर्पण की ओर चिंतन करने के लिए प्रेरित करता है। येसु का अनुसरण करने का मतलब है दोहरे मृत्यु के विषय में सही समझ...