सन्त लूकस के अनुसार पवित्र सुसमाचार
17:20-25
"तब उन में से एक यह देख कर कि वह नीरोग हो गया है, ऊँचे स्वर से ईश्वर की स्तुति करते हुए लौटा। वह ईसा को धन्यवाद देते हुए उनके चरणों पर मुँह के बल गिर पड़ा, और वह समारी था।" सन्त लूकस: 17:15-16...
हम अयोग्य सेवक भर हैं, हमने अपना कर्तव्य मात्र पूरा किया है’। सन्त लूकस 17:10b
यह कहने में एक कठिन वाक्यांश है और जब कहा जाता है तो वास्तव में इसका मतलब भी कठिन है।
ईसा येरूसालेम गये। उन्होंने मन्दिर में बैल, भेड़ें और कबूतर बेचने वालों को तथा अपनी मेंज़ों के सामने बैठे हुए सराफों को देखा। उन्होंने रस्सियों का कोड़ा बना कर भेड़ों और बेलों-सहित सब को मन्दिर से बाहर निकाल...
सन्त योहन के अनुसार पवित्र सुसमाचार
02:13-22
दस कुँवारियों का दृष्टान्त सिखाता है कि हम प्रभु येसु के आगमन की प्रतीक्षा सतर्कता, तत्परता, जागरूकता से तैयार करें । प्रभु येसु से मिलने का वक्त कभी भी आ सकता है। सन्त पौलुस आज के दूसरे पाठ में प्रभु येसु के...