संत पिता ने कहा चालीसा काल में मनन-चिंतन एवं मौन प्रार्थना द्वारा आशा प्राप्त करें

21 सितम्बर 2015 को कोब्रे की संत कुँवारी मरियम से प्रार्थना  21 सितम्बर 2015 को कोब्रे की संत कुँवारी मरियम से प्रार्थना

चालीसा काल प्रार्थना, उपवास और दान देने का समय है अर्थात् आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनने का समय।संत पिता  फ्रांसिस ने चालीसा काल की यात्रा में आगे बढ़ते हुए मनन-चिंतन एवं मौन प्रार्थना करने का प्रोत्साहन दिया। उन्होंने 27 फरवरी के ट्वीट संदेश में लिखा, "मनन-चिंतन एवं मौन प्रार्थना द्वारा, आशा हमें आंतरिक प्रकाश की तरह, चुनौतियों का सामना करने में मदत करती है ।
 

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