शरणार्थी प्रवेश पर राष्ट्रपति निर्णय का स्वागत।

अमेरिकी धर्माध्यक्षों ने नए वित्तीय वर्ष में संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने वाले शरणार्थियों की संख्या को बढ़ाकर 125,000 करने के लिए बाइडेन प्रशासन की सराहना की। सोमवार को जारी एक बयान में, उन्होंने कांग्रेस से अगले चार दशकों और उससे आगे के लिए शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम को बनाए रखने का भी आह्वान किया।
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले सप्ताह शरणार्थी प्रवेश पर एक नया राष्ट्रपति निर्धारण जारी किया, जो वित्तीय वर्ष 2022 के लिए शरणार्थी प्रवेश लक्ष्य को बढ़ाकर 125,000 कर देता है। यह 1993 के बाद से सबसे अधिक अमेरिकी वार्षिक शरणार्थी कैप है, जो राष्ट्रपति ट्रम्प की आव्रजन नीति - शरणार्थियों को अमेरिका में बसने से रोकना - को उलटने के लिए बाइडेन के अभियान की प्रतिज्ञा की पुष्टि करता है। शरणार्थी प्रवेश का लक्ष्य 125,000 तक है
पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान, जो 30 सितंबर को समाप्त हुआ, अमेरिका ने केवल 11,411 शरणार्थियों का पुनर्वास किया, जो 1980 में स्थापित अमेरिकी शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम (यूएसआरएपी) के इतिहास में सबसे कम संख्या थी। यू.एस. काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (यूएससीसीबी), जो शरणार्थी लक्ष्य को बढ़ाने की लगातार वकालत करता रहा है और शरणार्थी पुनर्वास में सक्रिय रूप से शामिल है, ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
यूएससीसीबी की प्रवासन समिति के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष मारियो ई. डोरसनविले ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा, "हम इस क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व को फिर से स्थापित करने के लिए प्रशासन की सराहना करते हैं और हम इस लक्ष्य के समर्थन में निरंतर कार्रवाई की आशा करते हैं। हम कांग्रेस से न केवल शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करने, बल्कि इसे अगले चार दशकों और उससे आगे तक बनाए रखने का आग्रह करते हैं।"
यह देखते हुए कि युद्ध, प्राकृतिक आपदा, या उत्पीड़न से भाग रहे शरणार्थी "एक ही मानव परिवार के कमजोर सदस्य" हैं और मेजबान देशों में "सकारात्मक योगदान" दे सकते हैं, धर्माध्यक्ष डोरसनविले ने याद दिलाया कि काथलिक विशेष रुप से शरणार्थियों के स्वागत और मुलाकात की प्रेरिताई के लिए बुलाए गये है। उन्होंने अमेरिकी धर्माध्यक्षों को "इस काम के लिए निरंतर प्रतिबद्धता" को दोहराया,। उन्होंने कई काथलिक संगठनों, समुदायों और व्यक्तियों की प्रशंसा की, जिन्हें संत पापा फ्राँसिस ने मिशन के लिए "नई सीमा" के रूप में संदर्भित किया है।
राष्ट्रपति बाइडेन के हालिया फैसले से काबुल में तालिबान शासन से भाग रहे हजारों अफगानों को प्रभावित करने की संभावना नहीं है और हाईटियन प्रवासी जो अभी भी मेक्सिको के साथ अमेरिकी सीमा पर डेरा डाला है, इन्हें आधिकारिक तौर पर शरणार्थियों के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है।

Add new comment

3 + 0 =