सही निर्णय

दोस्तों अक्सर देखा गया है कि कोई भी बच्चा जब ग्यारहवीं  कक्षा में जाता है तो वह बहुत परेशान रहता है, कि वह कौन-से  विषय का चुनाव करे।

उसके जीवन का यह पहला पड़ाव होता है ,जब उसे अपने निर्णय स्वयं लेना होता है। यह एक निर्णय उसके आने वाले भविष्य को निर्धारित करता है। पर कई बार देखा गया हैं की अकसर माता पिता दुसरो की देखा देखी कर अपने बच्चो पर अपने फैसले थोप देते है और उसका नतीजा क्या होता हैं? असफलता !!!

दोस्तों इससे ही जुड़ा हुआ एक किसा में आपको सुनती हूँ। एक शहर में कल्पना नाम की एक लड़की रहा करती थी। उसका दसवीं का परिणाम आया, जिसमे वह अच्छे नंबर से पास हुई। और अब उसे भी ग्यारहवीं कक्षा में अब एक विषय का चयन करना था। उसके माता पिता इतने पढ़े लिखे नहीं थे। वह दुसरो की देखा देखी कर, कल्पना को भी डॉक्टर बनाना चाहते थे। पर कल्पना बैंक मैनेजर बनना चाहती थी। लेकिन उसके माता-पिता के कारण वह कॉमर्स विषय छोड़ कर बायो (विज्ञान) विषय  लेती है। तथा उस विषय में रूचि न होने के कारण वो फेल हो जाती हैं। फिर वह अपने माता-पिता को समझाती है की वह आगे कॉमर्स विषय लेकर बैंक मैनेजर बनना चाहती है। उसके माता पिता उसकी बात मान लेते है, और फिर वह कॉमर्स विषय लेकर पढाई करती है, और कॉलेज में अच्छे अंको से पास होकर वह एक दिन बैंक मैनेजर बन जाती है।

यह छोटी सी कहानी हमे यह शिक्षा देती है की माता-पिता को अपने बच्चो पर अपना निर्णय थोपना नहीं चाहिए। माता-पिता को चाहिए की वे बच्चो के गुणों को पहचाने, उनकी रुचि पर ध्यान दे, उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करे, और सही निर्णय लेने में उन्हें सहायता प्रदान करे। साथ ही माता -पिता को चाहिए की वो अपने घर में प्रार्थनामय माहौल बनाये। प्रतिदिन बच्चो के साथ मिलकर एकसाथ एकमन होकर प्रार्थना करे। याकूब का पत्र अध्याय 01 वचन संख्या 05 में लिखा है - "यदि आप लोगों में किसी में प्रज्ञा का अभाव हो, तो वह ईश्वर से प्रार्थना करे और उसे प्रज्ञा मिलेगी; क्योंकि ईश्वर खुले हाथ और खुशी से सबों को देता है।" ईश्वर आपको सही निर्णय लेने की शक्ति एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगा। जिससे आप जीवन में लगातार आगे बढ़ते जाए। इसी वचन के आधार पर यदि हम ईश्वर से प्रज्ञा एवं ज्ञान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करेंगे तो ईश्वर अवश्य ही हमे अपने वरदानो से भर देगा ! इसीलिए अपने जीवन में अन्य कार्यो के साथ-साथ प्रार्थना को भी शामिल करे जिससे आप पर ईश्वर की कृपा सदा सर्वदा बनी रहे।

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