योहन का अन्तिम साक्ष्य

सन्त योहन के अनुसार पवित्र सुसमाचार

03:22-30

 

इसके बाद ईसा अपने शिष्यों के साथ यहूदिया प्रदेश आये और वहाँ उनके साथ रहे। वे बपतिस्मा देते थे।

योहन भी सलीम के निकट एनोन में बपतिस्मा दे रहा था, क्योंकि वहाँ बहुत पानी था। लोग वहाँ आ कर बपतिस्मा ग्रहण करते थे।

योहन उस समय तक गिरफ़्तार नहीं हुआ था।

योहन के शिष्यों और यहूदियों में शुद्धीकरण के विषय में विवाद छिड़ गया।

उन्होंने योहन के पास जा कर कहा, "गुरुवर! देखिए, जो यर्दन के उस पार आपके साथ थे और जिनके विषय में आपने साक्ष्य दिया, वह बपतिस्मा देते हैं और सब लोग उनके पास जाते हैं"।

तुम लोग स्वयं साक्षी हो कि मैंने यह कहा, ‘मैं मसीह नहीं हूँ’। मैं तो उनका अग्रदूत हूँ।

वधू वर की ही होती है; परन्तु वर का मित्र, जो साथ रह कर वर को सुनता है, उसकी वाणी पर आनन्दित हो उठता है। मेरा आनन्द ऐसा ही है और अब वह परिपूर्ण है।

यह उचित है कि वे बढ़ते जायें और मैं घटता जाऊँ।"

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