मिस्र में प्रवास

सन्त मत्ती के अनुसार पवित्र सुसमाचार

02:13-15, 19-23

 

उनके जाने के बाद प्रभु का दूत यूसुफ़ को स्वप्न में दिखाई दिया और यह बोला "उठिए! बालक और उसकी माता को लेकर मिस्र देश भाग जाइए। जब तक मैं आप से न कहूँ वहीं रहिए क्योंकि हेरोद मरवा डालने के लिए बालक को ढूँढ़ने वाला है।

यूसुफ़ उठा और उसी रात बालक और उसकी माता को ले कर मिस्र देश चल दिया।

वह हेरोद की मृत्यु तक वहीं रहा जिससे नबी के मुख से प्रभु ने जो कहा था, वह पूरा हो जाये - मैंने मिस्र देश से अपने पुत्र को बुलाया।

हेरोद की मृत्यु के बाद प्रभु का दूत मिस्र देश में यूसुफ़ को स्वप्न में दिखाई दिया और

यह बोला, "उठिए! बालक और उसकी माता को ले कर इस्राएल देश चले जाइए, क्योंकि वे जो बालक के प्राण लेना चाहते थे मर चुके हैं।"

यूसुफ़ उठा और बालक तथा उसकी माता को ले कर इस्राएल देश चला आया।

उसने सुना कि अरखेलौस अपने पिता के स्थान पर यहूदिया में राज्य करता है; इसलिए उसे वहाँ जाने में डर लगा और स्वप्न में वह चेतावनी पा कर गलीलिया चला गया।

वहाँ वह नाज़रेत नामक नगर में जा बसा। इस प्रकार नबियों का यह कथन पूरा हुआ - यह नाज़री कहलायेगा।

Add new comment

5 + 5 =