नाना-नानी एवं बुजूर्गों के लिए प्रथम विश्व दिवस 25 जुलाई को। 

25 जुलाई को प्रथम विश्व नाना-नानी एवं बुजूर्ग दिवस मनाया जाएगा। इस विश्व दिवस के लिए संत पिता द्वारा चुनी गई विषयवस्तु है, "मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ।" (मती.28:20)
नाना-नानी एवं बुजूर्गों के लिए विश्व दिवस मनाने का उद्देश्य है हर बुजूर्ग व्यक्ति के प्रति प्रभु एवं कलीसिया का सामीप्य व्यक्त करना, खासकर, इस महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में।
लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "मैं सदा तुम्हारे साथ हूँ" सामीप्य एवं आशा की एक प्रतिज्ञा है जिसको युवा एवं बुजूर्ग आपस में साझा कर सकते हैं। न केवल पोता-पोती और युवाओं को बुजूर्ग लोगों के साथ होना है बल्कि बुजूर्गों और नाना-नानी को भी युवाओं के लिए सुसमाचार प्रचार, घोषणा, प्रार्थना एवं विश्वास के जीवन में प्रोत्साहन देने का मिशन है।"  
स्थानीय कलीसियाओं एवं संगठनों में इस विश्व दिवस को मनाने हेतु प्रोत्साहन देने के लिए मध्य जून से, लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद, कुछ प्रेरितिक दिशानिर्देश जारी करेगा, जो वेबसाईट www.amorislaetitia.va. में उपलब्ध होगा।

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