प्रेम और दया से परिपूर्ण

ईश्वर प्रेम और दया से परिपूर्ण है। वह द्रवित होकर अपनी चुनी हुई प्रजा के हठधर्मी स्वभाव तक को भुला देता है। मूसा नबी की अनुपस्थिति में इस्राएली जनता ने अपने लिये धातू का एक बछड़ा बनाकर उसे अपना देवता मान लिया और उस धातू की मूर्ति की पूजा- अर्चना की थीं इस पर ईश्वर का क्रोध उन लोगों पर भड़क उठा और ईश्वर ने उन्हें सर्वनाश करने की सोची। लेकिन मूसा नबी के अनुनय- विनय पर ईश्वर ने सर्वनाश करने का विचार छोड़ दिया। मनुष्य के पश्चात्तापपूर्ण अनुनय और विनय पर ईश्वर दया दिखाते और अपनी प्रजा के गुनाहों को माफ कर देते हैं। क्योंकि ईश्वर प्रेम है। 
ईश्वर ने येसु ख्रीस्त के द्वारा अपने महान् प्रेम को प्रदर्शित किया और उसका प्रमाण खुद येसु हैं। येसु ने भी अपने कार्यों के द्वारा और अपने जीवन के द्वारा अपना साक्ष्य दिया लेकिन यहूदियों ने उसके साक्ष्य पर विश्वास नहीं किया। इसलिए येसु उन्हें अपने कार्यों पर विश्वास करने के लिये कहते हैं। येसु तो स्वयं ईश्वरीय महिमा से परिपूर्ण थे और उन्हें लोगों की ओर से सम्मान नहीं चाहिए था। येसु का साक्ष्य धर्मग्रन्थ देता है। और धर्मग्रन्थ का अनुशीलन करने वाला अनन्त जीवन प्राप्त करता है। क्योंकि ईश्वर के वचन में जीवन है। इसलिए येसु ख्रीस्त अपने लोगों से आग्रह करते हैं कि वे पश्चात्ताप करें और ईश पुत्र में पूर्ण विश्वास करें।

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